दो माह बाद भी यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का गठन नहीं | कर्मचारियों को लाभ का इंतजार | UP Outsource Nigam News 2025

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में गठित किए जाने वाले “यूपी आउटसोर्स सेवा निगम” का गठन अब तक अधर में लटका हुआ है। दो माह बीत जाने के बाद भी इस निगम की औपचारिक घोषणा या कार्यान्वयन शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण राज्य भर में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारी असमंजस और निराशा की स्थिति में हैं। सरकार ने घोषणा की थी कि यह निगम न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि कर्मचारियों को समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा लाभ और नौकरी में स्थायित्व भी सुनिश्चित करेगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में विभागों, निगमों और सरकारी संस्थानों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें सफाईकर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चालक, सुरक्षाकर्मी और कार्यालय सहायक जैसे पद शामिल हैं। फिलहाल ये कर्मचारी निजी एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे हैं, जिससे कई बार वेतन में कटौती, अनियमित भुगतान और अन्य लाभों से वंचित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
सरकार ने इस समस्या को देखते हुए एक केंद्रीकृत निगम बनाने का निर्णय लिया था जो सभी आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रबंधन करेगा। लेकिन प्रशासनिक औपचारिकताओं और विभागीय समन्वय की कमी के चलते योजना अब तक ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि निगम के गठन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि उन्हें रोजगार सुरक्षा और लाभ का अधिकार मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूपी आउटसोर्स सेवा निगम जल्द गठित हो जाता है, तो राज्य में न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलाली की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। इससे सरकार की छवि मजबूत होगी और युवाओं में सरकारी रोजगार के प्रति भरोसा बढ़ेगा। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि योगी सरकार कब तक इस बहुप्रतीक्षित निगम को हरी झंडी देती है और कर्मचारियों को उनके अधिकारों का वास्तविक लाभ मिलना शुरू होता है।



