
अमेरिका में एक बार फिर H-1B वीजा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक ऐसा बिल पेश करेंगी, जिसके तहत H-1B वीज़ा प्रोग्राम को पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। H-1B वीजा मुख्य रूप से उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है और इस श्रेणी में भारत सबसे बड़ा लाभार्थी देश माना जाता है। ऐसे में इस बिल का प्रभाव लाखों भारतीय आईटी एवं टेक प्रोफेशनल्स पर भी पड़ सकता है।
सांसद ग्रीन का दावा है कि H-1B वीजा प्रोग्राम अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों को प्रभावित करता है और कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को कम लागत पर नियुक्त कर अमेरिकी वर्कफोर्स के हितों को नुकसान पहुंचाती हैं। उनका कहना है कि टेक कंपनियों ने इस वीजा का दुरुपयोग किया है और स्थानीय लोगों को अच्छे रोजगार से वंचित किया है। इसी तर्क के आधार पर वह कांग्रेस में नया बिल लेकर आ रही हैं, जिसका लक्ष्य इस वीजा कैटेगरी को समाप्त करना है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि H-1B वीज़ा अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास के लिए बेहद जरूरी है। कई कंपनियां, खासकर सिलिकॉन वैली की टेक दिग्गज, विदेशी प्रतिभाओं पर निर्भर रहती हैं क्योंकि उन्हें उच्च कौशल वाले इंजीनियर और डेवलपर्स की जरूरत होती है। कई उद्योग संगठन पहले ही कह चुके हैं कि अगर H-1B वीजा खत्म किया गया, तो नवाचार की गति प्रभावित होगी और अमेरिका वैश्विक प्रतियोगिता में पीछे रह सकता है।
भारत के संदर्भ में, हर साल हजारों भारतीय इंजीनियर, आईटी विशेषज्ञ और शोधकर्ता इस वीजा के माध्यम से अमेरिका में कार्यरत होते हैं। H-1B वीजा पर लगाम कसने या इसे खत्म करने का सीधा असर भारत-अमेरिका टेक सहयोग, रोजगार अवसर और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बिल पारित होना आसान नहीं है क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस में इस तरह के प्रस्ताव को लेकर काफी विरोध रहता है। कई सांसद और उद्योग समूह इसे अमेरिकी तकनीकी विकास के लिए आवश्यक मानते हैं। फिर भी, इस घोषणा ने H-1B वीजा पर काम करने वाले हजारों भारतीयों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, अमेरिकी सांसद ग्रीन द्वारा लाया जाने वाला यह बिल इमिग्रेशन पॉलिसी में बड़े बदलाव की ओर संकेत करता है, लेकिन इसका भविष्य कांग्रेस की बहस और राजनीतिक संतुलन पर निर्भर करेगा।



