यूपी की 57,694 पंचायतों में बने ग्राम सचिवालय

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने और गांवों तक सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे गांवों को नई पहचान और विकास की नई गति मिली है। ग्राम सचिवालय ग्रामीणों और सरकारी व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं, जहां विभिन्न योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी तथा सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीण अब जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन योजनाओं की जानकारी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित प्रक्रियाओं सहित कई आवश्यक सेवाओं का लाभ अपने गांव में ही प्राप्त कर सकते हैं। इससे लोगों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और समय व धन दोनों की बचत हो रही है।
योगी सरकार का मानना है कि ग्राम सचिवालय ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इन केंद्रों पर पंचायत सहायकों और अन्य कर्मियों की तैनाती के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। डिजिटल सुविधाओं से लैस ये सचिवालय गांवों में ई-गवर्नेंस को भी मजबूत कर रहे हैं।
ग्रामीण विकास विशेषज्ञों के अनुसार ग्राम सचिवालयों की स्थापना से पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ी है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीणों का सरकारी सेवाओं पर विश्वास भी बढ़ा है। आने वाले समय में ये ग्राम सचिवालय गांवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।



