
उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पहाड़ी राज्यों में हो रही ताजा बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंचने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फ गिरने से ठंडी हवाओं का प्रवाह तेज हो गया है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित छह राज्यों में बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि सुबह और रात के समय ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने से लोगों को ठिठुरन का एहसास होगा। वहीं घने कोहरे ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिसके चलते रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ा है। कोहरे के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील कर रहा है। सड़क मार्ग पर भी वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह के समय जब कोहरा सबसे अधिक घना होता है। किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित असर लेकर आया है। एक ओर बारिश से गेहूं और सरसों जैसी फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं अत्यधिक ठंड और नमी से कुछ फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि सर्दी-जुकाम और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कुल मिलाकर पहाड़ों पर बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर फिर से बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सर्द हो सकता है।



