
यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उनका देश शांति के नाम पर अपनी जमीन किसी भी हाल में रूस को नहीं सौंपेगा। जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दोहराया कि युद्ध खत्म करने के लिए सिर्फ युद्धविराम काफी नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी जरूरी हैं। जेलेंस्की के मुताबिक रूस द्वारा कब्जाए गए यूक्रेनी इलाकों से पूरी तरह पीछे हटना शांति वार्ता की पहली शर्त होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि यूक्रेन को सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक समर्थन जारी रखा जाए ताकि वह अपनी रक्षा कर सके।
जेलेंस्की यह भी चाहते हैं कि भविष्य में रूस दोबारा हमला न कर सके, इसके लिए यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा ढांचा मिले, जिसमें पश्चिमी देशों की स्पष्ट गारंटी शामिल हो। उन्होंने युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही तय करने की बात भी कही है और मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में रूस के खिलाफ कार्रवाई हो। इसके अलावा, जेलेंस्की ने युद्ध से तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए वैश्विक सहायता की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब यूक्रेन की सीमाएं पहले जैसी बहाल हों, नागरिक सुरक्षित महसूस करें और रूस भविष्य में किसी भी आक्रामक कदम से रोका जा सके। कुल मिलाकर, जेलेंस्की का रुख साफ है—शांति चाहिए, लेकिन कीमत पर नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा के साथ।



