योगी बोले- पप्पू, टप्पू और अप्पू महागठबंधन के 3 बंदर | बोले- न सच दिखाई देता, न सुनाई देता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में सियासी तंज कसा। उन्होंने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पप्पू, टप्पू और अप्पू महागठबंधन के तीन बंदर हैं, जिन्हें न तो सच दिखाई देता है और न ही सुनाई देता।” योगी का यह बयान विपक्षी नेताओं पर एक तीखा व्यंग्य माना जा रहा है, जो लगातार सरकार की नीतियों और योजनाओं की आलोचना कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष की राजनीति केवल भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो चुनाव के समय एक मंच पर दिखाई देते हैं, लेकिन परिणाम आने के बाद एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगते हैं। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा, “जब ये तीनों बंटेंगे, तो कटेंगे भी, क्योंकि जनता अब इनके झूठे वादों को समझ चुकी है।”
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार ने जनता के विकास के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की नींव रखी है। वहीं विपक्ष के पास न तो कोई दृष्टि है और न ही कोई नीति। योगी ने महागठबंधन के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ जाति और धर्म की राजनीति के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं, जबकि जनता अब विकास, सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार के मामले में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। “महागठबंधन के नेता यह सच्चाई देख नहीं पा रहे, क्योंकि उन्हें न सुनाई देता है और न दिखाई देता,” योगी ने व्यंग्य करते हुए कहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को फिर से प्रचंड बहुमत से विजयी बनाकर इन “तीन बंदरों” को जनता का जवाब देना होगा।
योगी आदित्यनाथ का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थक इसे योगी के “हास्य भरे लेकिन सटीक राजनीतिक वार” के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे भाजपा की हताशा का संकेत बता रहा है। कुल मिलाकर, योगी के इस बयान ने यूपी की सियासत में फिर से गर्माहट पैदा कर दी है।



