जम्मू-कश्मीर में हाल ही में चलाए गए “ऑपरेशन महादेव” में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस ऑपरेशन के दौरान तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनकी पहचान अब पाकिस्तान के नागरिकों के रूप में हुई है। इस सनसनीखेज खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में होने वाली आतंकी गतिविधियों के पीछे सीधे तौर पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन और आईएसआई का हाथ है।
यह मुठभेड़ पहलगाम क्षेत्र के एक घने जंगल में हुई, जहां आतंकियों ने खुद को छिपा रखा था और सुरक्षाबलों की मौजूदगी का पता लगते ही गोलीबारी शुरू कर दी। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए। शुरुआत में उनकी पहचान स्पष्ट नहीं थी, लेकिन बाद में मिले एक डिजिटल सबूत—एक ड्राइव और मोबाइल डिवाइस—ने उनकी पूरी कुंडली खोल दी।
सुरक्षाबलों को आतंकियों के पास से बरामद दस्तावेजों, मोबाइल डेटा, चैट लॉग्स और फोटो से यह जानकारी मिली कि तीनों आतंकी पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के रहने वाले थे। इसके अलावा, उनमें से दो की ट्रेनिंग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के आतंकी कैंपों में हुई थी।
डिवाइस में GPS लोकेशन, सोशल मीडिया चैट्स और पाकिस्तान स्थित आकाओं से बातचीत के रिकॉर्ड ने यह साफ कर दिया कि वे विशेष मिशन पर भेजे गए थे—जिसका मकसद अमरनाथ यात्रा के दौरान बड़े पैमाने पर हमला करना और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ना था।
इस ऑपरेशन की सफलता का श्रेय सेना की सटीक खुफिया जानकारी और स्थानीय नागरिकों की सतर्कता को दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षाबलों को दी, जिसके आधार पर जंगल में घेराबंदी की गई और आतंकियों को मार गिराया गया।
सेना के प्रवक्ता ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि, “ऑपरेशन महादेव आतंकवाद के खिलाफ हमारी मुहिम का एक और मजबूत उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पार से आतंकियों को भेजकर घाटी में अशांति फैलाने की साजिश कर रहा है, लेकिन भारतीय सेना हर साजिश को नाकाम करने के लिए तैयार है।
इस मुठभेड़ के बाद घाटी में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है, खासकर अमरनाथ यात्रा मार्ग पर। ड्रोन सर्विलांस, अतिरिक्त जवानों की तैनाती और रूटीन चेकिंग में और तेजी लाई गई है।
राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई की सराहना हो रही है। गृह मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को “रणनीतिक सफलता” बताते हुए सेना और सुरक्षाबलों की भूमिका की प्रशंसा की है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर बेनकाब किया जाएगा।
ऑपरेशन महादेव की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कायम है, और जो भी देश या संगठन शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।



