
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह का असर अब दिखाई देने लगा है। पीएम मोदी ने मंत्रियों से खासतौर पर Gen Z यानी युवा पीढ़ी के साथ डिजिटल माध्यमों के जरिए जुड़ने की अपील की थी। उन्होंने Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर केवल सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने के बजाय युवाओं के साथ संवाद और इंटरैक्टिव कंटेंट पर भी जोर दिया था।
पीएम मोदी की इस सलाह के बाद केंद्रीय मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर गई है। कई मंत्री अब अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के साथ-साथ वीडियो, फोटो, रील और युवाओं से जुड़े विषयों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद को मजबूत करना माना जा रहा है।
इस बदलाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सबसे सक्रिय नेताओं में नजर आ रहे हैं। वह अपने सरकारी कार्यक्रमों, अभियानों और विभिन्न सार्वजनिक गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार साझा करते हैं। हाल में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान भी अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अभियान में शामिल होने और तिरंगे के साथ सेल्फी साझा करने की अपील की थी।
सोशल मीडिया की बढ़ती पहुंच ने राजनीतिक संचार का तरीका भी बदल दिया है। खासकर युवा वर्ग समाचार, सरकारी योजनाओं और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी Instagram, YouTube और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म से हासिल करता है। ऐसे में मंत्रियों की डिजिटल मौजूदगी सरकार के संदेश को सीधे युवाओं तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।
पीएम मोदी की बैठक में मंत्रियों को यह संदेश दिया गया था कि सोशल मीडिया को केवल प्रचार का माध्यम न समझा जाए। इसके जरिए लोगों से बातचीत, उनकी प्रतिक्रियाएं जानना और युवाओं के मुद्दों को समझना भी जरूरी है। यही वजह है कि मंत्रियों को रील्स और इंटरैक्टिव कंटेंट बनाने की सलाह दी गई थी।
Gen Z से जुड़ने की यह रणनीति ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब युवा आबादी का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। राजनीतिक दल और सरकारें भी अब पारंपरिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और भाषणों के साथ सोशल मीडिया को जनता तक पहुंचने के प्रमुख माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।
मंत्रियों की सोशल मीडिया सक्रियता में सिर्फ राजनीतिक संदेश ही नहीं, बल्कि उनके दैनिक कामकाज और व्यक्तिगत गतिविधियों की झलक भी देखने को मिल रही है। इससे नेताओं की सार्वजनिक छवि को अधिक व्यक्तिगत और संवादात्मक बनाने में मदद मिल सकती है।
सरकार की ओर से Gen Z पर विशेष ध्यान देने की वजह यह भी है कि युवा देश के भविष्य और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी Gen Z की ऊर्जा और युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर जोर दिया गया है।
अब देखना होगा कि केंद्रीय मंत्रियों की बढ़ी हुई सोशल मीडिया सक्रियता कितने समय तक जारी रहती है और क्या इससे युवाओं के साथ सरकार का सीधा संवाद और मजबूत होता है। फिलहाल पीएम मोदी की डिजिटल रणनीति का असर मंत्रियों की ऑनलाइन मौजूदगी में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।



