मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के एक व्यस्ततम बाज़ार इलाके की एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे वहां स्थित कई दुकानें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंच गईं, और आग पर काबू पाने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत मंगलवार की देर रात लगभग 2:30 बजे हुई, जब अधिकतर दुकानें बंद थीं। अचानक इमारत से धुआं उठता देखा गया, और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और कई दुकानें धू-धू कर जलने लगीं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है, क्योंकि इमारत में कई जगह ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिससे आग तेजी से फैली।
घटना के तुरंत बाद, नगर निगम, पुलिस और राहत बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए। आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है ताकि आग और धुएं से कोई और जनहानि न हो। राहत की बात यह रही कि घटना के समय अधिकांश दुकानें खाली थीं, जिससे मानव क्षति नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपए की संपत्ति का नुकसान बताया जा रहा है।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “हमारी टीम लगातार आग को काबू में करने की कोशिश कर रही है। इमारत की बनावट और घनी बस्ती होने की वजह से चुनौती ज्यादा है, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में लाई जा रही है।”
दुकानदारों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल है। कई व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में नया स्टॉक खरीदा था, जो पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गया। पीड़ित दुकानदारों ने सरकार से मुआवज़े की मांग की है।
वहीं, जिला कलेक्टर ने बयान जारी कर कहा है कि पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, और नुकसान का आकलन कर प्रभावित दुकानदारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
शहडोल की यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बाजारों और वाणिज्यिक स्थलों पर फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। उम्मीद है कि इस घटना के बाद प्रशासन जागरूकता और सुरक्षा उपायों को लेकर और अधिक सतर्कता बरतेगा।



