बार-बार पेनकिलर खाना बन सकता है खतरा, सिरदर्द की दवा से किडनी पर पड़ सकता है बुरा असर

आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन गई है। हल्का सा दर्द होते ही कई लोग तुरंत पेनकिलर खा लेते हैं ताकि जल्दी राहत मिल सके। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि बिना जरूरत और बार-बार दर्द निवारक दवाएं लेना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। खासकर इससे किडनी पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कई दर्द निवारक दवाओं में ऐसे तत्व होते हैं जो लंबे समय तक या अधिक मात्रा में लेने पर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें खासतौर पर Ibuprofen, Diclofenac और Paracetamol जैसी दवाएं शामिल हैं। यदि इनका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना लगातार किया जाए तो यह किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि किडनी हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। जब कोई व्यक्ति लगातार पेनकिलर लेता है तो इन दवाओं का असर किडनी की फिल्टर करने की क्षमता पर पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर किडनी की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है और गंभीर मामलों में Kidney Failure जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बार-बार सिरदर्द होने पर सिर्फ दवा लेना समाधान नहीं है। इसके पीछे तनाव, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन या आंखों पर ज्यादा दबाव जैसी कई वजहें हो सकती हैं। इसलिए सबसे पहले सिरदर्द की असली वजह जानना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, समय पर नींद लेना, स्क्रीन टाइम कम करना और संतुलित आहार लेना भी सिरदर्द से बचाव में मदद कर सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या बहुत ज्यादा होता है तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेनकिलर लेना भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि दवाओं का इस्तेमाल सावधानी से और जरूरत पड़ने पर ही किया जाए, ताकि किडनी और शरीर के अन्य अंग सुरक्षित रह सकें।



