20-50 साल की उम्र में क्यों बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज? डॉ. सुधीर कुमार का विश्लेषण

आज की तेज़ और व्यस्त जीवनशैली के कारण 20 से 50 साल की उम्र के बीच लोगों में कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे कई मुख्य कारण हैं। सबसे पहला कारण है खान-पान में बदलाव। लोग अब अधिकतर तले हुए, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कर रहे हैं, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम करने का मुख्य कारण बनता है। साथ ही, मीठे पेय, पैकेज्ड स्नैक्स और रेड मीट का अत्यधिक सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
दूसरा महत्वपूर्ण कारण है शारीरिक सक्रियता की कमी। आधुनिक जीवनशैली में कामकाजी लोग घंटों कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठे रहते हैं और नियमित व्यायाम या चलने-फिरने का समय नहीं निकाल पाते। इसके परिणामस्वरूप शरीर में वसा जमा होती है, वजन बढ़ता है और ब्लड शुगर लेवल संतुलित नहीं रहता। डॉ. सुधीर कुमार बताते हैं कि हर दिन कम से कम 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज, जैसे तेज़ चलना या योग, कोलेस्ट्रॉल और शुगर नियंत्रण में मददगार हो सकती है।
तीसरा कारण मानसिक तनाव और नींद की कमी है। लगातार तनाव में रहना कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जिससे शरीर में शुगर और फैट लेवल असंतुलित हो जाते हैं। नींद की कमी भी इंसुलिन संवेदनशीलता को कम कर देती है और मोटापे तथा डायबिटीज की संभावना बढ़ाती है।
डॉ. कुमार ने कहा कि इससे बचने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। साथ ही, हर 6 महीने में ब्लड टेस्ट कराना और कोलेस्ट्रॉल व ब्लड शुगर का स्तर चेक कराना भी महत्वपूर्ण है। शुरुआती अवस्था में जीवनशैली में छोटे बदलाव भी बड़े परिणाम ला सकते हैं।



