Hariyali Teej 2026: प्रेग्नेंसी में व्रत के दौरान दिखें ये 6 संकेत तो तुरंत खोलें उपवास

हरियाली तीज का व्रत कई महिलाएं श्रद्धा और परंपरा के साथ रखती हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान शरीर की जरूरतें अलग होती हैं। इस समय लंबे समय तक खाना-पीना छोड़ने से कमजोरी या डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए व्रत रखने से पहले अपनी गर्भावस्था और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पहला संकेत है तेज चक्कर या खड़े होते समय बेहोशी जैसा महसूस होना। अगर व्रत के दौरान बार-बार चक्कर आ रहे हैं, आंखों के आगे अंधेरा छा रहा है या खड़े होने पर कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं।
दूसरा संकेत लगातार उल्टी या मितली है। अगर पानी या दूसरे तरल पदार्थ भी शरीर में नहीं टिक रहे हैं, तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। गर्भावस्था में गंभीर उल्टी के लिए कभी-कभी अस्पताल में इलाज और IV fluids की जरूरत भी पड़ सकती है।
तीसरा संकेत पेशाब का बहुत कम होना या उसका रंग गहरा होना है। सामान्य से कम पेशाब आना और गहरे रंग का पेशाब शरीर में पानी की कमी की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे में व्रत जारी रखना उचित नहीं है।
चौथा संकेत अत्यधिक कमजोरी और तेज धड़कन है। अगर शरीर इतना कमजोर महसूस हो कि रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाए या दिल बहुत तेज धड़कता महसूस हो, तो तुरंत आराम करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
पांचवां संकेत पेट में तेज दर्द, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण हैं। गर्भावस्था में ऐसे लक्षणों को केवल व्रत का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। NHS भी पेट दर्द और तेज बुखार जैसे लक्षणों पर चिकित्सा सलाह लेने की बात कहता है।
छठा संकेत वजन कम होना या लगातार खाना-पीना न कर पाना है। लंबे समय तक पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थ न मिलने से मां और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। गंभीर उल्टी और डिहाइड्रेशन में जल्दी इलाज लेना जरूरी है।
गर्भावस्था में व्रत को लेकर कोई एक नियम सभी महिलाओं पर लागू नहीं होता। अगर डॉक्टर ने व्रत न रखने की सलाह दी है या आपको हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर या लगातार उल्टी जैसी समस्या है, तो धार्मिक परंपरा से पहले स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। लक्षण दिखने पर व्रत खोलकर पर्याप्त तरल और भोजन लेने तथा अपने डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।



