लाइफस्टाइलस्वास्थ्य

अर्जुन की छाल का काढ़ा कैसे बनाएं? सीने के दर्द में कितना फायदेमंद, जानें सच

अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में दिल की सेहत से जोड़कर देखा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Terminalia arjuna है और इसकी छाल से बने काढ़े का पारंपरिक रूप से एंजाइना, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी दूसरी परेशानियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, इसे आधुनिक हृदय रोगों की प्रमाणित दवा नहीं माना जा सकता।

अर्जुन की छाल का काढ़ा कैसे बनाएं?

पारंपरिक तौर पर अर्जुन की छाल को पानी में उबालकर काढ़ा तैयार किया जाता है। लगभग 1-2 ग्राम सूखी अर्जुन छाल को एक कप से अधिक पानी में डालकर धीमी आंच पर उबालने और पानी कुछ कम होने तक पकाने की विधि आम तौर पर बताई जाती है। फिर इसे छानकर गुनगुना पिया जाता है। हालांकि, सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद पर निर्भर करती है, इसलिए नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

क्या सीने के दर्द में सच में फायदा करता है?

कुछ पुराने छोटे अध्ययनों में अर्जुन के इस्तेमाल से एंजाइना और हृदय संबंधी कुछ संकेतकों में संभावित लाभ देखे गए हैं, लेकिन व्यवस्थित समीक्षा में उपलब्ध अध्ययनों की गुणवत्ता कमजोर पाई गई और किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।

वहीं, 100 मरीजों पर हुए एक डबल-ब्लाइंड, रैंडमाइज्ड ट्रायल में अर्जुन के मानकीकृत जल-एक्सट्रैक्ट ने 12 सप्ताह में LVEF यानी हृदय की पंपिंग क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार नहीं किया। कुछ मरीजों में व्यायाम क्षमता और कुछ लक्षणों से जुड़े संकेतकों में सुधार जरूर देखा गया।

2026 में प्रकाशित नई मेटा-एनालिसिस में 9 अध्ययनों और 537 मरीजों के आंकड़ों को देखा गया। इसमें बाएं वेंट्रिकल की मांसपेशी के द्रव्यमान में कमी और HDL में सुधार जैसे संभावित फायदे मिले, लेकिन LVEF में सुधार सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं था। शोधकर्ताओं ने बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले अध्ययनों की जरूरत बताई।

सीने में दर्द हो तो काढ़े पर निर्भर न रहें

यह सबसे जरूरी बात है। नया, तेज या दबाव/जकड़न जैसा सीने का दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। ऐसे में अर्जुन का काढ़ा पीकर इंतजार करना सही नहीं है। तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

अर्जुन की छाल को डॉक्टर द्वारा दी गई हृदय की दवाओं का विकल्प भी नहीं माना जाना चाहिए। हर्बल उत्पादों के साथ दवाओं की संभावित अंतःक्रियाओं और उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सावधानी जरूरी है।

निष्कर्ष: अर्जुन की छाल में हृदय के लिए संभावित औषधीय गुणों पर शोध जारी है, लेकिन सीने के दर्द का इलाज केवल अर्जुन के काढ़े से करना वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है। इसे लेना हो तो अपनी मौजूदा दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर/योग्य चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button