गैस चैंबर बनी दिल्ली: घर के अंदर प्रदूषण कम करने के 7 असरदार उपाय

दिल्ली की हवा एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है और राजधानी को “गैस चैंबर” कहा जाने लगा है। बाहर का जहरीला धुआं केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि घरों के अंदर भी प्रवेश कर जाता है। ऐसे में केवल खिड़की-दरवाजे बंद कर लेना पर्याप्त नहीं है। घर के अंदर की हवा को साफ और सुरक्षित रखने के लिए कुछ व्यावहारिक और वैज्ञानिक उपाय अपनाने बेहद जरूरी हो गए हैं।
पहला उपाय है एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल। HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर महीन कणों (PM2.5) को काफी हद तक हटाने में मदद करता है। इसे बेडरूम और लिविंग एरिया में लगाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। दूसरा उपाय है गीली सफाई। झाड़ू लगाने से धूल उड़ती है, इसलिए पोछा और गीले कपड़े से सतहों की सफाई करें ताकि धूल और प्रदूषक कण दोबारा हवा में न फैलें।
तीसरा उपाय इनडोर पौधे हैं। एरेका पाम, स्नेक प्लांट और मनी प्लांट जैसे पौधे घर की हवा को शुद्ध करने में मदद करते हैं और ऑक्सीजन का स्तर बेहतर बनाते हैं। चौथा उपाय है धूप-अगरबत्ती और धूम्रपान से दूरी। घर के अंदर अगरबत्ती, मोमबत्ती और सिगरेट का धुआं भी प्रदूषण बढ़ाता है, इसलिए इनका सीमित या बिल्कुल उपयोग न करें।
पांचवां उपाय किचन वेंटिलेशन से जुड़ा है। खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन या चिमनी का सही इस्तेमाल करें ताकि गैस और धुएं के कण बाहर निकल सकें। छठा उपाय है दरवाजों और खिड़कियों की सीलिंग। दरारों से प्रदूषित हवा अंदर आ सकती है, इसलिए रबर सील या ड्राफ्ट स्टॉपर लगाकर इन्हें बंद रखें।
सातवां और अहम उपाय है नमी और वेंटिलेशन का संतुलन। बहुत ज्यादा नमी फंगस और बैक्टीरिया बढ़ा सकती है, जबकि सही समय पर थोड़ी देर के लिए वेंटिलेशन ताजी हवा लाने में मदद करता है।



