सिर्फ स्पाइसी फूड नहीं है एसिडिटी की वजह, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए 6 जरूरी मेडिकल टेस्ट

अक्सर लोगों को लगता है कि एसिडिटी और सीने में जलन की सबसे बड़ी वजह मसालेदार खाना है। इसलिए पेट में जलन होते ही सबसे पहले स्पाइसी फूड को दोष दे दिया जाता है। लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि हर बार एसिडिटी के पीछे सिर्फ मसाले ही जिम्मेदार नहीं होते। इसके कई छिपे हुए कारण भी हो सकते हैं, जिन्हें बिना सही जांच के पहचान पाना मुश्किल है। बार-बार एसिडिटी होना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है।
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, सबसे पहला जरूरी टेस्ट एच. पाइलोरी (H. Pylori) टेस्ट है। यह बैक्टीरिया पेट की परत को नुकसान पहुंचाता है और लंबे समय तक रहने पर गैस, जलन और अल्सर का कारण बन सकता है। दूसरा महत्वपूर्ण टेस्ट लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) है, क्योंकि लिवर की गड़बड़ी भी पाचन को प्रभावित कर एसिडिटी बढ़ा सकती है। तीसरा टेस्ट अल्ट्रासाउंड एब्डोमेन होता है, जिससे गॉलब्लैडर, लिवर और पेट से जुड़ी समस्याओं का पता चलता है।
चौथा जरूरी टेस्ट है ब्लड शुगर लेवल। डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर पाचन तंत्र धीमा हो जाता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है। पांचवां टेस्ट थायरॉयड प्रोफाइल है, क्योंकि थायरॉयड असंतुलन से मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन दोनों प्रभावित होते हैं। छठा और आखिरी जरूरी टेस्ट विटामिन B12 और आयरन लेवल का है। इनकी कमी से पेट की सेहत खराब होती है और गैस, अपच व एसिडिटी की शिकायत बढ़ जाती है।
न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि अगर एसिडिटी बार-बार हो रही है और दवाओं से भी राहत नहीं मिल रही, तो सिर्फ खानपान को दोष देने के बजाय इन टेस्ट्स के जरिए असली वजह जाननी चाहिए। सही कारण सामने आने पर इलाज और डाइट दोनों आसान हो जाते हैं और लंबे समय तक एसिडिटी से छुटकारा मिल सकता है।



