सेहत पर भारी पड़ रही दमघोंटू हवा: फिट और हेल्दी रहने के लिए जानें डॉक्टर की खास सलाह

दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई शहरों में इन दिनों वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। हवा में घुला ज़हर न सिर्फ आंखों में जलन और गले में खराश का कारण बन रहा है, बल्कि यह हमारे फेफड़ों, हृदय और दिमाग पर भी गंभीर असर डाल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा हालातों में हर व्यक्ति को अपनी सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दमघोंटू हवा में सांस लेना कई बीमारियों को न्योता दे सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह बेहद खतरनाक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह की सैर या खुली हवा में व्यायाम करने से फिलहाल परहेज करना चाहिए क्योंकि प्रदूषण के कण उस समय सबसे ज्यादा होते हैं। घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें और पौधों जैसे मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट लगाएं जो हवा को शुद्ध करते हैं। साथ ही, घर से बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क जरूर पहनें ताकि सूक्ष्म धूल के कण फेफड़ों तक न पहुंच पाएं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अपनी इम्यूनिटी मजबूत रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा, आंवला और नींबू का सेवन करें। गुनगुना पानी पीएं, तुलसी और अदरक की चाय लें तथा सांस की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें। योग और प्राणायाम, खासकर ‘अनुलोम-विलोम’ और ‘कपालभाति’, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
सरकार और पर्यावरण विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि अनावश्यक रूप से गाड़ियों का इस्तेमाल न करें, कूड़ा या पत्तियां न जलाएं और अपने आस-पास पेड़ लगाने की आदत डालें। क्योंकि जब तक हम सब मिलकर हवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम नहीं करेंगे, तब तक सेहत पर मंडराता यह खतरा कम नहीं होगा। स्वच्छ हवा ही असली पूंजी है, इसे बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।



