Eye Drops लगाने के बाद बार-बार पलकें झपकाना सही है या गलत? डॉक्टर से जानें सही तरीका

आंखों में जलन, एलर्जी, ड्राईनेस या किसी संक्रमण की स्थिति में डॉक्टर अक्सर आई ड्रॉप इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोग आई ड्रॉप डालने के तुरंत बाद बार-बार पलकें झपकाने लगते हैं, जो कि सही तरीका नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करने से दवा का असर कम हो सकता है क्योंकि ड्रॉप आंखों में ठीक से ठहर नहीं पाती और बाहर निकल जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि आई ड्रॉप डालने का एक सही तरीका होता है, जिसे अपनाने से दवा का पूरा लाभ मिलता है और आंखों को जल्दी आराम मिलता है। सबसे पहले आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लेना चाहिए ताकि किसी तरह का संक्रमण आंखों तक न पहुंचे। इसके बाद सिर को हल्का पीछे की ओर झुकाएं और नीचे की पलक को धीरे से खींचकर एक छोटा सा पॉकेट बनाएं। अब ड्रॉपर को आंख से थोड़ा ऊपर रखते हुए एक बूंद डालें। ध्यान रखें कि ड्रॉपर का सिरा आंख या त्वचा से न छुए, इससे दवा दूषित हो सकती है। ड्रॉप डालने के बाद आंख को हल्के से बंद कर लें और लगभग 30 सेकंड से 1 मिनट तक आराम से बंद रखें। इस दौरान बार-बार पलकें झपकाने से बचना चाहिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ड्रॉप डालने के बाद आंख के कोने यानी नाक की तरफ हल्का दबाव देने से दवा आंख में अच्छी तरह अवशोषित हो जाती है और गले में जाने की संभावना भी कम हो जाती है। यदि किसी व्यक्ति को एक से ज्यादा प्रकार के आई ड्रॉप इस्तेमाल करने हैं तो दोनों दवाओं के बीच कम से कम 5 से 10 मिनट का अंतर रखना चाहिए। इसके अलावा, आई ड्रॉप की बोतल को हमेशा साफ और बंद रखें तथा उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। गलत तरीके से आई ड्रॉप का उपयोग करने से आंखों में जलन, लालिमा या संक्रमण की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि सही तकनीक से आई ड्रॉप का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, ताकि आंखों की दवा का पूरा फायदा मिल सके और आंखें स्वस्थ बनी रहें।



