IVF के बाद दूसरी प्रेग्नेंसी में क्यों आई दिक्कत? सामने आया FMR1 कनेक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने 29 साल की उम्र में IVF कराया था और पहले ही साइकल में गर्भधारण हो गया था। उस समय उनका AMH 0.9 था। पांच साल बाद जब उन्होंने दूसरी बार गर्भधारण की कोशिश की तो AMH घटकर 0.3 रह गया और फॉलिकल काउंट करीब दो था। इसी दौरान डॉक्टरों ने उनके पहले बच्चे में ऑटिज्म का इतिहास भी ध्यान में रखा।
जांच में FMR1 जीन म्यूटेशन पॉजिटिव पाया गया। FMR1 जीन में कुछ प्रकार के बदलाव Fragile X syndrome से जुड़े होते हैं। FMR1 premutation महिलाओं में समय से पहले ओवेरियन फंक्शन कम होने या ovarian insufficiency के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है, जबकि इसके विरासत में मिलने वाले कुछ रूप बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं के जोखिम से संबंधित हैं।
हालांकि, इस केस को यह कहकर नहीं समझना चाहिए कि IVF या FMR1 म्यूटेशन ही ऑटिज्म का निश्चित कारण है। ऑटिज्म एक जटिल न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है, जिसमें कई आनुवंशिक और अन्य कारक भूमिका निभा सकते हैं। उपलब्ध शोध में IVF और ऑटिज्म के बीच स्वतंत्र रूप से स्पष्ट कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
इस मामले से यह सवाल भी सामने आता है कि कम उम्र में बिना स्पष्ट कारण ओवेरियन रिजर्व कम होने या समय से पहले ओवेरियन इंसफिशिएंसी की स्थिति में क्या आनुवंशिक जांच उपयोगी हो सकती है। हालांकि FMR1 टेस्ट हर महिला के लिए अनिवार्य नहीं है; इसकी जरूरत व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री और डॉक्टर की सलाह के आधार पर तय की जानी चाहिए।



