मां लक्ष्मी का प्रिय पौधा सूख रहा है? माली ने बताए हरा-भरा और घना बनाने के आसान उपाय

तुलसी का पौधा भारतीय घरों में धार्मिक और औषधीय दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कई लोग इसे मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा से जोड़कर देखते हैं। हालांकि कई बार उचित देखभाल न मिलने, मौसम में बदलाव, गलत सिंचाई या मिट्टी की गुणवत्ता खराब होने के कारण तुलसी का पौधा कमजोर पड़ने लगता है और उसकी पत्तियां पीली होकर झड़ने लगती हैं।
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार तुलसी के पौधे के कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा या बहुत कम पानी देना हो सकता है। मिट्टी में लगातार नमी रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं, जबकि लंबे समय तक सूखी मिट्टी भी पौधे की वृद्धि रोक सकती है। इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत हल्की सूखी महसूस हो।
तुलसी को अच्छी धूप की भी आवश्यकता होती है। यदि पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलती, तो उसकी बढ़त धीमी हो सकती है और पत्तियां कम निकलती हैं। रोजाना 4 से 6 घंटे की हल्की से मध्यम धूप पौधे के लिए लाभकारी मानी जाती है। साथ ही समय-समय पर सूखी टहनियों और खराब पत्तियों की छंटाई करने से नई शाखाएं निकलने में मदद मिलती है और पौधा घना बनता है।
माली बताते हैं कि जैविक खाद, गोबर की सड़ी खाद या घर में बनी कम्पोस्ट का सीमित मात्रा में उपयोग पौधे की सेहत सुधार सकता है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और उचित देखभाल के साथ तुलसी का पौधा तेजी से बढ़ सकता है। नियमित निगरानी, संतुलित पानी और पर्याप्त धूप जैसे सरल उपाय अपनाकर आप अपने तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा, स्वस्थ और आकर्षक बना सकते हैं।



