
अंटार्कटिका के समुद्री क्षेत्र में एक नए द्वीप के दिखने की खबर ने वैज्ञानिकों और भूगोल विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। यह घटना यह समझने का मौका देती है कि आखिर समुद्र में नए टापू कैसे बनते हैं और उनकी कानूनी स्थिति क्या होती है।
नए द्वीप आमतौर पर ज्वालामुखी विस्फोट, ग्लेशियर के पिघलने या समुद्री तल में भूगर्भीय बदलाव के कारण बनते हैं। जब समुद्र के नीचे की जमीन ऊपर उठती है या लावा ठंडा होकर जम जाता है, तो धीरे-धीरे एक नया भूभाग यानी आइलैंड बन सकता है।
जहां तक मालिकाना हक की बात है, अंटार्कटिका किसी एक देश के अधीन नहीं है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत संरक्षित है, जहां वैज्ञानिक अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए नए बने द्वीपों पर किसी एक देश का सीधा अधिकार नहीं माना जाता, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में आते हैं।
Computer Jagat 24
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April 12, 2026



