हैंडलूम साड़ियों को सालों तक नया बनाए रखने के लिए स्टोर करते समय ज़रूर अपनाएं ये 6 टिप्स

हैंडलूम साड़ियां भारतीय परंपरा और शिल्पकला का एक अनमोल प्रतीक हैं। बनारसी, चंदेरी, कांजीवरम, टसर या खादी – हर हैंडलूम साड़ी में बुनकर की मेहनत और सांस्कृतिक धरोहर की झलक मिलती है। लेकिन जितनी खूबसूरत और कीमती ये साड़ियां होती हैं, उतनी ही नाज़ुक भी होती हैं। अगर इन्हें सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो इनका रंग, बनावट और चमक समय के साथ फीकी पड़ सकती है। यदि आप चाहती हैं कि आपकी हैंडलूम साड़ियां सालों-साल तक नई जैसी बनी रहें, तो स्टोर करते समय इन 6 बातों का जरूर ध्यान रखें:
1. साड़ियों को धोकर ही रखें:
अगर आपने साड़ी पहनी है, तो उसे स्टोर करने से पहले हल्के हाथों से धो लें या कम से कम धूप में कुछ देर टांग दें, ताकि उसमें से पसीने या परफ्यूम की गंध निकल जाए। यह नमी और दाग-धब्बों से साड़ी को बचाने में मदद करता है।
2. कॉटन के कपड़े में लपेटें:
साड़ियों को पॉलिथीन या प्लास्टिक में स्टोर करने की बजाय मुलायम कॉटन या मलमल के कपड़े में लपेटकर रखें। इससे हवा का संचार बना रहता है और कपड़ा ‘दम’ नहीं तोड़ता।
3. नीम की पत्तियां या कपूर रखें:
साड़ियों के बीच में नीम की सूखी पत्तियाँ या कपूर रखने से कीड़ों और नमी से बचाव होता है। खासकर रेशमी साड़ियों के लिए यह बेहद ज़रूरी होता है।
4. समय-समय पर तह बदलें:
लंबे समय तक एक ही स्थिति में साड़ी रखने से उसमें क्रीज़ पड़ जाती है और कपड़ा कमजोर हो सकता है। हर 3-4 महीने में उसकी तह बदल दें।
5. सीलन से बचाएं:
साड़ियों को हमेशा सूखी और हवादार जगह पर रखें। नमी वाली जगह पर रखने से फफूंदी लग सकती है, जिससे कपड़ा खराब हो सकता है।
6. हैंगर पर न टांगें:
रेशमी या भारी हैंडलूम साड़ियों को हमेशा फोल्ड करके रखें, उन्हें टांगने से उनका गिरना और वजन से खिंचना शुरू हो सकता है, जिससे साड़ी की बनावट बिगड़ जाती है।
इन आसान लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी हैंडलूम साड़ियों को पीढ़ियों तक सहेज सकती हैं। आखिरकार, ये सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि हमारी विरासत हैं।



