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ट्रेन में नींद क्यों नहीं आती? जानिए सफर में बेचैनी और नींद टूटने का साइंस


Sleep Science के अनुसार ट्रेन में नींद न आने के पीछे कई शारीरिक और पर्यावरणीय कारण होते हैं। यात्रा के दौरान लगातार शोर, हल्की-हल्की कंपन (vibration) और रोशनी में बदलाव शरीर की प्राकृतिक नींद चक्र को प्रभावित करते हैं, जिससे गहरी नींद में जाना मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा, यात्रा के दौरान दिमाग का एक हिस्सा सतर्क अवस्था में रहता है, जिसे “हाइपर-अलर्ट मोड” कहा जाता है। यह स्थिति सुरक्षा के कारण विकसित होती है, खासकर जब हम नए या अस्थिर वातावरण में होते हैं। यही वजह है कि ट्रेन की बर्थ पर करवटें बदलते हुए रात जल्दी कटती नहीं लगती।
कई लोगों में Circadian Rhythm भी प्रभावित होता है, खासकर जब यात्रा लंबी हो या समय क्षेत्र (time zone) बदल रहा हो। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सफर में हल्का भोजन, आरामदायक कपड़े और शांत वातावरण नींद को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।