फ्लाइट टेकऑफ और लैंडिंग में कान दर्द क्यों होता है? जानें 5 आसान बचाव के तरीके

हवाई यात्रा के दौरान अक्सर देखा जाता है कि फ्लाइट के टेकऑफ और लैंडिंग के समय कई यात्रियों के कान में तेज दर्द या दबाव महसूस होता है। खासकर छोटे बच्चों, सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों या साइनस की समस्या वाले यात्रियों में यह दिक्कत ज्यादा होती है। दरअसल, जब विमान तेजी से ऊपर उठता है या नीचे उतरता है तो केबिन का एयर प्रेशर अचानक बदलता है। इस दबाव में बदलाव के कारण कान के अंदर मौजूद यूस्टेशियन ट्यूब संतुलन बनाने में थोड़ा समय लेती है। इसी असंतुलन की वजह से कान में दर्द, भारीपन या कभी-कभी सुनाई कम देने जैसी समस्या हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार इसे ‘एयरप्लेन ईयर’ कहा जाता है और यह आमतौर पर कुछ समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाता है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो असहजता काफी बढ़ सकती है।
इस परेशानी से बचने के लिए डॉक्टर कुछ आसान उपाय बताते हैं। पहला तरीका है टेकऑफ और लैंडिंग के समय च्युइंग गम चबाना या टॉफी खाना। ऐसा करने से बार-बार निगलने की प्रक्रिया होती है, जिससे कान के अंदर का दबाव संतुलित करने में मदद मिलती है। दूसरा तरीका है जम्हाई लेना या बार-बार मुंह खोलना, जिससे यूस्टेशियन ट्यूब खुलती है और प्रेशर बराबर होता है। तीसरा उपाय है ‘वल्साल्वा मेन्युवर’ यानी नाक बंद करके हल्के से सांस बाहर की ओर फूंकना, इससे भी दबाव संतुलित होता है। चौथा तरीका यह है कि यदि आपको सर्दी-जुकाम है तो यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह पर नेजल स्प्रे या डिकंजेस्टेंट का उपयोग करें, ताकि नाक बंद न रहे। पांचवां और खास उपाय बच्चों के लिए है—उन्हें टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान दूध पिलाएं या पानी पिलाते रहें, ताकि वे निगलते रहें और कान पर दबाव कम पड़े।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, कान से तरल पदार्थ निकले या सुनाई देने में लगातार दिक्कत हो, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें। सामान्य स्थिति में यह समस्या अस्थायी होती है और सही उपाय अपनाने से आसानी से बचाव किया जा सकता है। इसलिए अगली बार जब आप फ्लाइट में सफर करें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं और अपनी यात्रा को आरामदायक बनाएं।



