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वैजयंतीमाला, चिरंजीवी, दिवंगत न्यायाधीश एम. फातिमा बीवी पद्म पुरस्कार से सम्मानित

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरे जमाने की अभिनेत्री वैजयंतीमाला बाली, तेलुगू अभिनेता कोनिडेला चिरंजीवी, उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश (दिवंगत) एम फातिमा बीवी और ‘‘बॉम्बे समाचार’’ के मालिक एच. एन. कामा समेत अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को बृहस्पतिवार को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ओ. राजगोपाल, लद्दाख के दिवंगत आध्यात्मिक नेता तोगदान रिनपोचे तथा तमिल अभिनेता दिवंगत ‘‘कैप्टन’’ विजयकांत (दोनों मरणोपरांत), गुजराती समाचार पत्र ‘‘जन्मभूमि’’ के समूह संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कुंदन व्यास को भी पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वैजयंतीमाला (90) और चिरंजीवी (68) को पद्म विभूषण से नवाजा गया, वहीं बीवी, कामा, राजगोपाल, विजयकांत, रिनपोचे और व्यास को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। बीवी, विजयकांत और रिनपोचे के परिवार के सदस्यों ने पुरस्कार प्राप्त किए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उपस्थित थे।

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किए जाते हैं। पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने वालों में प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ अश्विन बालचंद मेहता और पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत भाजपा नेता सत्यब्रत मुखर्जी शामिल हैं।

पद्म श्री से सम्मानित किए जानेवालों में ‘हाथी कन्या’ के नाम से मशहूर भारत की पहली महिला हाथी महावत पार्वती बरुआ, तेलंगाना के मूर्तिकार वेलु आनंदचारी, त्रिपुरा की प्रख्यात बुनकर स्मृति रेखा चकमा, नारियल की जैविक बागवानी में अग्रणी भूमिका निभाने वालीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की के. चेल्लाम्मल और स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा शामिल थीं।

बचपन में अपने दोनों हाथ और पैर खो चुके कर्नाटक के दिव्यांग व्यक्ति के एस राजन्ना को जब पद्मश्री से सम्मानित किया गया तो तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। वह सम्मान लेने के लिए जाते समय मोदी और शाह का अभिवादन करने गए। जब राजन्ना को सम्मानित किया गया तो समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और अतिथि लगातार तालियां बजाते रहे। राजन्ना दिव्यांग जन के कल्याण के वास्ते अपने काम के लिए जाने जाते हैं।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित पंजाब के प्रख्यात रंगमंच कलाकार प्राण सभरवाल भी मोदी के पास आए और उनके पैर छूने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने भी उनका अभिवादन किया। राष्ट्रपति से पद्मश्री पुरस्कार लेने जाते समय नगालैंड की सामाजिक कार्यकर्ता सानो वामुजो और योग गुरु किरण लाभशंकर व्यास ने प्रधानमंत्री से हाथ मिलाया।

फ्रांसीसी योग प्रशिक्षक चार्लोट चोपिन (101) को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। हरे रंग की साड़ी में, वह पुरस्कार लेने के लिए खुद ही मंच तक गईं। राष्ट्रपति मुर्मू चलने में कठिनाई या व्हीलचेयर पर आश्रित कुछ पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करने के लिए मंच से नीचे उतरीं। सिक्किम के प्रसिद्ध बांस शिल्पकार जोडेन लेप्चा पारंपरिक पोशाक और रंगीन टोपी पहनकर आए थे। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। वर्ष 2024 के लिए, राष्ट्रपति ने 132 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी थी, जिसमें दो युगल मामले (पुरस्कार को एक के रूप में गिना जाता है) शामिल हैं। इस सूची में पांच पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण और 110 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। आधे से अधिक पुरस्कार विजेताओं को 22 अप्रैल को सम्मानित किया गया था, शेष को बृहस्पतिवार को सम्मान से नवाजा गया।

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