नोएडा में बनेगा वर्ल्ड क्लास एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस हब, सिंगापुर की बड़ी फर्म कर रही निवेश की तैयारी

यूपी के नोएडा क्षेत्र में आने वाले समय में विमानन उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Noida International Airport के आसपास एक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) हब स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में सिंगापुर की एक प्रतिष्ठित कंपनी ने रुचि दिखाई है और निवेश करने की तैयारी में है। यह कदम न केवल भारत के विमानन सेक्टर को मजबूत करेगा, बल्कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
एयरक्राफ्ट MRO हब की स्थापना से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मौजूदा समय में भारत में MRO सुविधाओं की कमी को देखते हुए यह हब विमान उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सिंगापुर की कंपनी की रुचि इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशक भारत के विमानन इकोसिस्टम में अवसर देख रहे हैं और भारत को ग्लोबल एविएशन हब के रूप में विकसित करने की संभावना को बढ़ावा दे रहे हैं।
योजना के अनुसार, इस हब में विमान के इंजन, एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर, एवियोनिक्स और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स की मेंटेनेंस और रिपेयर की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे घरेलू एयरलाइन कंपनियों को समय और लागत की बचत होगी, क्योंकि अब उन्हें विमान रिपेयर के लिए विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, इस परियोजना से उच्च तकनीकी नौकरियों का सृजन होगा, जिससे स्थानीय युवा वर्ग को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास इस हब का होना लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी फायदेमंद होगा। हवाई अड्डे की नजदीकी सुविधा, सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ाव और आसपास की इन्फ्रास्ट्रक्चर इस हब को आकर्षक बनाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में विमानन उद्योग की मांग बढ़ेगी और ऐसे MRO हब विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए लाभकारी साबित होंगे।
इस परियोजना की मंजूरी मिलने और निवेश का औपचारिक ऐलान होने के बाद नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और भारत की एविएशन इंडस्ट्री ग्लोबल मानकों के अनुरूप विकसित होगी।



