छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने का वादा पूरा, जेपी नड्डा ने प्रदर्शन रद्द होने का किया स्वागत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के सरकार के फैसले को महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपना वादा पूरा किया है।
नड्डा के मुताबिक, सरकार ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों को भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इस आश्वासन को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस संबंध में भाजपा शासित राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की गई है। राज्यों से भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
एफआईआर वापस लेने के फैसले के बाद छात्रों के आंदोलन से जुड़े संगठन ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन को रद्द करने का फैसला किया। नड्डा ने संगठन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।
मामला छात्रों के विरोध प्रदर्शन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों से संबंधित है। इससे पहले छात्रों और सरकार के बीच बातचीत में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
नड्डा ने कहा कि युवाओं का कल्याण और उनकी प्रगति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों का असर छात्रों के भविष्य और करियर पर न पड़े।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन को लेकर बनी स्थिति में नरमी आने की उम्मीद है। एफआईआर वापस लेने और प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द होने से सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच संवाद का रास्ता भी मजबूत हो सकता है।



