विश्वजीत मोरे ने U-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता ऐतिहासिक सिल्वर मेडल

भारतीय पहलवान विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर भारतीय कुश्ती के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। लास वेगास में आयोजित इस प्रतियोगिता के पुरुषों के 55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में मोरे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। वह इस स्तर पर ग्रीको-रोमन वर्ग के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पहलवान भी बने।
फाइनल मुकाबले में मोरे का सामना जॉर्जिया के पहलवान कोबा कारुमिद्जे से हुआ। दोनों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसमें मोरे को 12-13 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। आखिरी क्षणों तक मुकाबले में कड़ी टक्कर रही, लेकिन कारुमिद्जे ने गोल्ड मेडल जीत लिया। इस हार के बावजूद मोरे ने सिल्वर मेडल हासिल करके भारत को इस वर्ग में ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
फाइनल से पहले विश्वजीत मोरे ने कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआती मुकाबले में मैक्सिको के इसाक मारिन माता को 10-8 से हराया। इसके बाद ईरान के आर्मिन शम्सीपुर के खिलाफ 8-1 से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में रूस के मलिक गिजिएव को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
मोरे की यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए खास है, क्योंकि अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत को पहली बार सिल्वर मेडल मिला है। प्रतियोगिता में पहले भी दो कांस्य पदक जीत चुके मोरे इस स्तर पर ग्रीको-रोमन कुश्ती में दो से अधिक पदक हासिल करने वाले भारत के चुनिंदा पहलवानों में शामिल हैं। उनका प्रदर्शन देश के युवा पहलवानों के लिए प्रेरणा बनेगा।



