सीपी राधाकृष्णन ने नॉर्वेजियन दूतावास पहुंचकर जताई संवेदना, भारत-नॉर्वे संबंधों पर जोर

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास का दौरा किया। उन्होंने नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के निधन पर भारत सरकार और देश की जनता की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।
उपराष्ट्रपति ने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका में अपने विचार दर्ज किए और दिवंगत राजा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राजा हेराल्ड की नॉर्वे के प्रति समर्पित सेवा को याद करते हुए उनके निधन पर शाही परिवार और नॉर्वे की जनता के प्रति संवेदना प्रकट की।
इस दौरान उपराष्ट्रपति ने भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया गया।
सीपी राधाकृष्णन ने भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने में राजा हेराल्ड पंचम के योगदान को विशेष रूप से याद किया। उनके अनुसार, राजा की भूमिका ने दोनों देशों की पुरानी मित्रता को आधुनिक आर्थिक साझेदारी में बदलने में योगदान दिया।
राजा हेराल्ड पंचम का निधन 28 अगस्त 2026 को 89 वर्ष की उम्र में हुआ। उन्होंने 1991 में नॉर्वे की राजगद्दी संभाली थी और तीन दशक से अधिक समय तक देश के संवैधानिक राष्ट्राध्यक्ष रहे। उनके निधन के बाद उनके पुत्र हाकोन आठवें नॉर्वे के नए राजा बने हैं।
भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक, समुद्री, ऊर्जा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग करते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजा हेराल्ड पंचम के निधन पर शोक व्यक्त किया था। मोदी ने इस वर्ष नॉर्वे की अपनी यात्रा के दौरान राजा हेराल्ड से हुई मुलाकात को याद किया और उनकी गर्मजोशी तथा देश के प्रति समर्पण की सराहना की।
उपराष्ट्रपति का नॉर्वेजियन दूतावास दौरा भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों तथा दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। ऐसे राजनयिक संपर्क दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



