सिलक्यारा टनल रेस्क्यू के 12 रैट माइनर्स को मिला वीरता पदक

उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी बचाने वाले रैट माइनर्स के साहस को देश ने सलाम किया है। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना सुरंग के अंदर पहुंचकर मजदूरों तक रास्ता बनाने वाले 12 रैट माइनर्स को वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
सिलक्यारा सुरंग में मजदूर कई दिनों तक फंसे रहे थे। बड़े-बड़े रेस्क्यू उपकरणों के सामने आई तकनीकी चुनौतियों के बाद रैट माइनिंग तकनीक का सहारा लिया गया। इन विशेषज्ञों ने संकरे रास्ते में हाथ से खुदाई कर मजदूरों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण काम पूरा किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान रैट माइनर्स ने कठिन परिस्थितियों, अंधेरे और सीमित जगह में काम करते हुए अद्भुत साहस दिखाया। उनके प्रयासों के कारण सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
सम्मान समारोह में उनके योगदान को याद करते हुए अधिकारियों और नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक बचाव अभियान नहीं था, बल्कि मानवता और साहस की मिसाल थी। रैट माइनर्स की मेहनत ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।
सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन अब देश के सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव अभियानों में गिना जाता है। इस अभियान में शामिल रैट माइनर्स का सम्मान उनके अदम्य साहस और सेवा भावना को मान्यता देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



