देश

2030 तक तेजस की प्रासंगिकता पर सवाल, पूर्व IAF वाइस चीफ ने जताई चिंता

भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk-2 को लेकर पूर्व IAF वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने तेजस Mk-2 की विकास और डिलीवरी में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि यह विमान 2030 के दशक के मध्य में बड़ी संख्या में वायुसेना में शामिल होता है, तो उस समय इसकी फ्रंटलाइन ऑपरेशनल प्रासंगिकता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

कपूर के मुताबिक चीन तेजी से पांचवीं और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत को अपनी अगली पीढ़ी की हवाई युद्ध क्षमता विकसित करने में तेजी लानी होगी। उन्होंने तेजस Mk-2 और AMCA जैसे स्वदेशी कार्यक्रमों को जल्द पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया।

तेजस Mk-2 की पहली उड़ान की समयसीमा पहले कई बार आगे बढ़ चुकी है। HAL के जुलाई 2026 के अपडेट के अनुसार अब इसकी पहली उड़ान मार्च से जुलाई 2027 के बीच होने की उम्मीद है। यही देरी पूर्व वायुसेना उप प्रमुख की चिंता का प्रमुख कारण है।

हालांकि कपूर ने तेजस Mk-2 को पूरी तरह बेकार नहीं बताया। उनका कहना है कि भारत जैसे बड़े देश में पांचवीं और छठी पीढ़ी के विमानों की संख्या सीमित रहने की स्थिति में चौथी या 4.5 पीढ़ी के विमान विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद क्षमता की कमी को पूरा करने में उपयोगी हो सकते हैं।

उन्होंने भारत को FCAS और GCAP जैसे अंतरराष्ट्रीय छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में भागीदारी पर भी विचार करने की सलाह दी। उनके अनुसार भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत को अत्याधुनिक तकनीक और तेज विकास चक्र पर ध्यान देना होगा।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button