


भारत का AI आधारित लड़ाकू विमान Kaal Bhairav रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विमान लगभग 3000 किलोमीटर की रेंज और करीब 30 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता रख सकता है।
बताया जा रहा है कि इस विमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम, एडवांस निगरानी तकनीक और स्वायत्त मिशन क्षमता जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इसका उद्देश्य सीमाओं की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और जोखिम वाले अभियानों में सहायता देना है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक भविष्य के युद्ध स्वरूप को बदल सकती है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो भारत स्वदेशी रक्षा तकनीक और AI आधारित सैन्य क्षमता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।