
सुप्रीम कोर्ट ने एअर इंडिया हादसा मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं से कड़ा सवाल करते हुए पूछा, “आपका गहरा एजेंडा क्या है?” कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिका में प्रस्तुत किए गए तर्क पर्याप्त नहीं हैं और मामले की न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास प्रतीत होता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई पहले की तरह जारी रहे। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि विमान हादसे जैसी संवेदनशील घटनाओं में राजनीतिक या व्यक्तिगत एजेंडे के लिए न्यायालय का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। याचिका खारिज होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से जारी रहेगी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में तथ्य और सबूतों पर आधारित याचिकाओं को ही महत्व दिया जाएगा। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि संवेदनशील घटनाओं का राजनीतिकरण या मीडिया में दबाव बनाने के प्रयास न्यायिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख संकेत देता है कि अदालत केवल तथ्यों और कानून के आधार पर ही मामलों को देखेगी, और किसी भी तरह की अनावश्यक राजनीति या एजेंडे को खारिज करेगी। इससे यह भी साफ हो गया कि विमान हादसे जैसी घटनाओं में न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष बनी रहेगी।



