
केंद्र सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के अनुपालन को अधिक व्यावहारिक और कारोबार-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों को सीधे दंडित करने के बजाय पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से छोटे और मध्यम कारोबारियों को तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटियों को समय रहते ठीक करने का मौका मिलेगा। इससे ईमानदार व्यापारियों पर अनावश्यक कानूनी बोझ कम होगा और नियमों के बेहतर पालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
लीगल मेट्रोलॉजी कानून का उद्देश्य पैकेज्ड वस्तुओं पर सही वजन, माप, मात्रा और आवश्यक जानकारी सुनिश्चित करना है, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके। संशोधित व्यवस्था में जानबूझकर किए गए गंभीर उल्लंघनों और बार-बार नियम तोड़ने वाले मामलों में पहले की तरह कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुपालन आधारित नियामक व्यवस्था को मजबूत करेगा। हालांकि, कारोबारियों को अब भी पैकेजिंग, लेबलिंग और माप-तौल से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
अस्वीकरण: यह जानकारी उपलब्ध सरकारी घोषणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। संशोधित नियमों का अंतिम स्वरूप संबंधित अधिसूचना और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होगा।



