
केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के लाभार्थियों के लिए मेडिकल सुविधाओं से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नए प्रावधान के अनुसार, अब विभागाध्यक्ष (Head of Department – HOD) भी निर्धारित मामलों में मेडिकल क्लेम और इलाज से संबंधित अनुमोदन प्रदान कर सकेंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य लाभार्थियों को उपचार और प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) की प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी से राहत देना है। नई व्यवस्था लागू होने से विभिन्न मामलों में मंजूरी की प्रक्रिया तेज होने और प्रशासनिक स्तर पर कार्य निष्पादन अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि अधिकारों के विकेंद्रीकरण से लाभार्थियों को समय पर चिकित्सा सेवाएं और मेडिकल क्लेम का निस्तारण आसानी से मिल सकेगा। साथ ही विभागीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।
हालांकि, यह सुविधा संबंधित दिशा-निर्देशों और निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार ही लागू होगी। विस्तृत प्रक्रिया और लागू प्रावधानों की जानकारी संबंधित विभागों एवं CGHS द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार प्रभावी रहेगी।



