पलामू, बक्सा समेत 22 बाघ विहीन या कम बाघ वाले अभयारण्यों में होगी बाघों की पुनर्बहाली

देश में बाघ संरक्षण को नई मजबूती देने के लिए पलामू, बक्सा सहित 22 ऐसे टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों की पहचान की गई है, जहां बाघों की संख्या बेहद कम है या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इन संरक्षित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बाघों की पुनर्बहाली (Tiger Reintroduction) की योजना पर काम किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य बाघों के प्राकृतिक आवास को पुनर्जीवित करना, जैव विविधता को मजबूत बनाना और वन पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखना है। इसके लिए प्रत्येक अभयारण्य की भौगोलिक स्थिति, शिकार प्रजातियों की उपलब्धता, वन क्षेत्र की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
योजना के तहत बाघों को उन संरक्षित क्षेत्रों से स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां उनकी संख्या स्थिर या अधिक है। हालांकि, किसी भी पुनर्बहाली प्रक्रिया से पहले वैज्ञानिक अध्ययन, विशेषज्ञों की सलाह और सभी आवश्यक पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बाघों की घटती आबादी वाले क्षेत्रों में संरक्षण प्रयासों को नई दिशा मिलेगी और देश के वन्यजीव संरक्षण अभियान को भी मजबूती प्राप्त होगी।



