‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग पर CBI का बड़ा एक्शन, 16 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी

देशभर में तेजी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर फ्रॉड के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा अभियान चलाया है। एजेंसी ने दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित 16 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश की है, जो खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी वीडियो कॉल, फर्जी नोटिस और नकली दस्तावेजों के जरिए लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि वे किसी आपराधिक मामले में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें घंटों तक ऑनलाइन निगरानी में रखने, गिरफ्तारी का डर दिखाने और बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कराने जैसी धोखाधड़ी की जाती थी। इसी तरीके को आमतौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।
CBI की इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों और उपकरणों की जांच कर साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क, उनके सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है। प्रारंभिक जांच में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जांच एजेंसियां बार-बार स्पष्ट कर चुकी हैं कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी नागरिक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती और न ही फोन पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देती है। CBI की यह देशव्यापी कार्रवाई साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना और लोगों को सुरक्षित बनाना है।



