
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सभी राज्यों से सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा तथा विकास को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का सपना केवल केंद्र सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए सभी राज्यों, स्थानीय निकायों, उद्योग जगत, युवाओं, किसानों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने इसे “टीम इंडिया” की भावना से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान बताया।
उन्होंने कहा कि भारत के विकास की गति तब और तेज होगी जब सभी राज्य अपनी-अपनी क्षमता और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए साझा लक्ष्यों की दिशा में कार्य करेंगे। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं है, बल्कि ऐसा राष्ट्र निर्माण है जहां हर नागरिक को अवसर, सम्मान और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त हो। उन्होंने राज्यों से नवाचार, सुशासन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने की अपील की।
राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की अवधारणा को मजबूत किए बिना दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करना कठिन होगा। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में बड़े सुधार और निवेश योजनाओं पर काम कर रहा है। उनके आह्वान को राष्ट्रीय विकास के लिए साझा जिम्मेदारी और सामूहिक संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।



