
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में 10 साल पुराने वैवाहिक विवाद को समाप्त करते हुए शादी को रद्द कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस विवाद को ‘महाभारत के युद्ध’ जैसा बताया, जहां दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तीखी कानूनी लड़ाई चल रही थी।
कोर्ट ने कहा कि जब किसी रिश्ते में विश्वास, सम्मान और साथ रहने की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाए, तो उसे जबरदस्ती बनाए रखना किसी के हित में नहीं होता। इस मामले में भी पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद और विवाद जारी थे, जिससे उनका साथ रहना संभव नहीं रह गया था।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मानवता और व्यावहारिकता को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस फैसले को वैवाहिक कानूनों के तहत एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जहां अदालत ने संबंधों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया।



