
भारत की GDP वृद्धि के ताजा आंकड़ों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा आर्थिक विकास के आंकड़ों पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विवाद की शुरुआत केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। कांग्रेस की ओर से बीयर मग की तस्वीर साझा की गई, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को गिलास में मौजूद तरल पदार्थ और आधिकारिक GDP आंकड़ों को उसके झाग के तौर पर दिखाया गया था। पोस्ट के जरिए कांग्रेस ने सरकार के आर्थिक विकास के दावों पर सवाल उठाया।
कांग्रेस की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस बहुत ज्यादा बीयर पीने की वजह से गहरे नशे में है या फिर भारत की आर्थिक तरक्की से उसकी ‘अंधी नफरत’ इतनी बढ़ गई है कि वह जमीनी हकीकत से दूर हो गई है।
दरअसल, भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा अनुमान से बेहतर रहा है। हालांकि पिछली तिमाही में दर्ज 8.6 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में यह कम है। सरकार ने इसे अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक चुनौतियों के बीच बेहतर प्रदर्शन के संकेत के तौर पर पेश किया है।
कांग्रेस ने हालांकि इन आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि GDP के आंकड़े अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति की पूरी तस्वीर नहीं बताते। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के एक वीडियो का हवाला देते हुए GDP गणना में पिछले आंकड़ों में किए गए संशोधनों पर सवाल खड़े किए हैं।
जयराम रमेश का आरोप है कि पिछले साल के GDP आंकड़ों में बड़े संशोधन का असर मौजूदा वृद्धि दर की गणना पर पड़ा है। कांग्रेस का तर्क है कि केवल GDP का आंकड़ा बढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार, निवेश, आय और उपभोक्ता मांग जैसे संकेतकों में भी सुधार दिखाई देना चाहिए।
कांग्रेस ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर को आर्थिक पुनरुद्धार का निर्णायक प्रमाण मानने से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार को जमीनी आर्थिक परिस्थितियों पर भी ध्यान देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार GDP के आंकड़ों को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को बड़ी उपलब्धि बताया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है।
GDP को लेकर जारी यह राजनीतिक बहस अब आंकड़ों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया पोस्ट और तीखे बयानों तक पहुंच गई है। कांग्रेस की बीयर मग वाली तस्वीर पर रिजिजू की टिप्पणी ने विवाद को और सुर्खियों में ला दिया है। दोनों पक्ष आर्थिक आंकड़ों की अपनी-अपनी व्याख्या पेश कर रहे हैं।
फिलहाल GDP वृद्धि को लेकर सरकार और विपक्ष के दावों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। सरकार जहां 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को आर्थिक मजबूती का प्रमाण बता रही है, वहीं कांग्रेस आंकड़ों की गणना और उनके जमीनी प्रभाव पर सवाल उठा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में GDP और अर्थव्यवस्था को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।



