बंगाल में शिक्षकों के DA पर हाई कोर्ट सख्त, 11 सितंबर तक मांगा जवाब

पश्चिम बंगाल में शिक्षकों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) का मामला एक बार फिर अदालत पहुंच गया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के रुख पर सख्ती दिखाते हुए 11 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। मामला लंबे समय से लंबित DA और उसके भुगतान की प्रक्रिया से जुड़ा है।
बकाया DA को लेकर पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों व शिक्षकों की ओर से लगातार मांग उठती रही है। सुप्रीम कोर्ट के फरवरी 2026 के फैसले के बाद राज्य सरकार ने 2008 से 2019 की अवधि के बकाया DA के भुगतान के लिए चरणबद्ध व्यवस्था शुरू की है।
राज्य सरकार ने पहले चरण में जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 तक के DA बकाये का भुगतान दो किस्तों में करने की योजना बनाई है। पहली किस्त मार्च 2026 में और दूसरी किस्त सितंबर 2026 में देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, अप्रैल 2008 से दिसंबर 2015 के बकाये के भुगतान की प्रक्रिया बाद में अधिसूचित की जानी है।
इस पूरे विवाद में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नजर अब हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। अदालत के निर्देश के बाद राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि बकाया DA के भुगतान को लेकर उसने अब तक क्या कदम उठाए हैं और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
बता दें कि DA मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही कर्मचारियों के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दे चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने बकाया राशि के भुगतान की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की है।
मुख्य बातें
- कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार से जवाब मांगा।
- 11 सितंबर तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश।
- मामला शिक्षकों के बकाया DA से जुड़ा है।
- राज्य सरकार ने DA भुगतान चरणबद्ध तरीके से शुरू किया है।
- जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 का बकाया दो किस्तों में देने की योजना है।
- अप्रैल 2008 से दिसंबर 2015 के बकाये की प्रक्रिया बाद में तय होगी।



