
दो दशक से लंबित भारत-ईयू व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मेगा ट्रेड डील पर भारत और यूरोपीय संघ इस साल ही हस्ताक्षर कर सकते हैं, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
डील के तहत कस्टम ड्यूटी में कमी, निवेश के अवसरों में वृद्धि और व्यापारिक बाधाओं का समाधान किया जाएगा। यह छोटे और बड़े व्यवसायों दोनों के लिए नए अवसर खोलेगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि समझौता भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को मजबूत करेगा और यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाएगा। इसके अलावा, निवेश और तकनीकी सहयोग भी नई दिशा में बढ़ने की संभावना है।



