जस्टिस विक्रम नाथ बोले- सरकारी संस्थानों को जवाबदेही के लिए रहना चाहिए तैयार

जस्टिस विक्रम नाथ ने सरकारी संस्थानों की भूमिका और जवाबदेही को लेकर कहा कि आज के दौर में लोगों में जागरूकता बढ़ी है। ऐसे में संस्थानों को जनता के सवालों का जवाब देने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी केवल काम करना ही नहीं, बल्कि अपनी नीतियों और फैसलों को लेकर जवाबदेह रहना भी है। नागरिक अब विभिन्न माध्यमों से जानकारी हासिल कर रहे हैं और अपने अधिकारों को लेकर अधिक सजग हैं।
जस्टिस विक्रम नाथ की यह टिप्पणी संस्थानों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने बदलते सामाजिक और तकनीकी माहौल में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने पर जोर दिया।
आज इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के कारण आम लोगों की सरकारी प्रक्रियाओं तक पहुंच बढ़ी है। ऐसे में संस्थानों से अपेक्षा की जाती है कि वे सूचनाओं को स्पष्ट रूप से साझा करें और लोगों की चिंताओं का समाधान करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत लोकतंत्र के लिए नागरिकों की जागरूकता और संस्थानों की जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। इससे शासन व्यवस्था में भरोसा बढ़ता है और पारदर्शिता को मजबूती मिलती है।



