


मद्रास हाई कोर्ट ने मंदिरों में चल रही VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि “भगवान किसी का इंतजार नहीं करते और उनके लिए सभी भक्त समान हैं”, इसलिए मंदिरों में विशेषाधिकार आधारित दर्शन प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
कोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई जब मंदिरों में VIP दर्शन के कारण आम श्रद्धालुओं को लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। अदालत ने इस व्यवस्था को समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताते हुए सवाल उठाए।
इस टिप्पणी के बाद धार्मिक स्थलों पर VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे समानता के पक्ष में कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे परंपरा और व्यवस्था का हिस्सा मानते हैं।
कुल मिलाकर, यह मामला धार्मिक संस्थानों में समान अधिकार और व्यवस्था सुधार की बहस को फिर से सामने लाता है।