बिहार में वोटिंग लिस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटिंग लिस्ट से गायब हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
महुआ मोइत्रा का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ भेदभावपूर्ण है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का भी उल्लंघन करता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है और वोटिंग लिस्ट को दोबारा सत्यापित करने की अपील की है।
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर गर्मागर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। यह मामला न केवल बिहार के मतदाताओं से जुड़ा है, बल्कि देश में चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों पर भी गहरा असर डाल सकता है।



