
सरकार ने नए लेबर कोड के तहत Gratuity के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पहले कर्मचारी को Gratuity का हक पाने के लिए कम से कम पांच साल की सेवा पूरी करनी होती थी, लेकिन अब यह अवधि घटाकर केवल एक साल कर दी गई है। इसका मतलब है कि जो कर्मचारी एक साल से अधिक किसी कंपनी में कार्यरत हैं, उन्हें नौकरी छोड़ने पर Gratuity का लाभ मिलेगा।
Gratuity का लाभ सभी नियमित कर्मचारियों को मिलेगा, चाहे वह प्राइवेट सेक्टर में हो या पब्लिक सेक्टर में। इसके तहत कर्मचारी को सेवा अवधि के अनुसार भुगतान किया जाएगा। नए नियमों के तहत, कर्मचारी की अंतिम वेतन और सेवा वर्षों के आधार पर Gratuity की गणना की जाती है। सरकार का उद्देश्य इस बदलाव के जरिए कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा बढ़ाना और उन्हें नौकरी बदलने पर उचित लाभ सुनिश्चित करना है।
Computer Jagat 24
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April 5, 2026



