


Karnataka में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है क्योंकि नई कैबिनेट गठन को लेकर बड़े बदलावों की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि ‘केरलम मॉडल’ की तर्ज पर कुछ सीनियर मंत्रियों को हटाकर युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व संगठन को अधिक सक्रिय और युवा-उन्मुख बनाने पर जोर दे रहा है। इससे प्रशासन में नई ऊर्जा और तेज निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों और जनाधार मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा।