
कोविड महामारी के बाद पहली बार देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में सड़क हादसों से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। इन राज्यों में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन से स्थिति में बदलाव आया है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान, सड़क डिजाइन में सुधार, तेज रफ्तार पर नियंत्रण और जागरूकता अभियान जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इन उपायों का असर अब आंकड़ों में दिखाई देने लगा है।
सड़क परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि हादसों में कमी एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने होंगे। खासतौर पर तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाने और नियमों की अनदेखी जैसी वजहों पर नियंत्रण जरूरी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग देश की आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में सड़क हादसों में कमी न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।



