
बॉम्बे हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी बेटी पर लंदन में हमला किया गया है। इस मामले ने न्यायिक सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में फैसले देने वाले न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यायाधीश का कहना है कि घटनाओं का संबंध वर्ष 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय से जुड़े एक मामले में दिए गए उनके फैसले से हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है और मामले के सभी तथ्यों का आधिकारिक सत्यापन होना अभी शेष है।
बताया जा रहा है कि न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी व्यक्त की हैं। वहीं लंदन में उनकी बेटी के साथ हुई कथित घटना को लेकर भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायाधीशों की स्वतंत्रता और सुरक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
फिलहाल मामले को लेकर संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाओं के कारणों और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



