


Central Board of Secondary Education के तीन-भाषा नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर Supreme Court of India ने केंद्र सरकार और National Council of Educational Research and Training से जवाब मांगा है। इस मामले ने शिक्षा नीति और भाषा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
याचिका में दावा किया गया है कि तीन-भाषा नीति छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। वहीं समर्थकों का कहना है कि यह नीति भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद अब केंद्र और NCERT को अपना पक्ष रखना होगा। शिक्षा विशेषज्ञों की नजर इस मामले पर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर देशभर के स्कूलों और छात्रों पर पड़ सकता है।