
पंजाब कांग्रेस (Indian National Congress) में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। राज्य की राजनीति में सक्रिय नेताओं के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं, जिससे पार्टी हाईकमान के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और उन्हें हटाने की मांग भी उठाई जा रही है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी और तेज हो गई है। इस स्थिति ने संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आंतरिक विवादों का असर आगामी चुनावी तैयारियों और जमीनी संगठन पर पड़ सकता है। अब सभी की नजरें पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं कि वह इस विवाद को कैसे सुलझाता है और पंजाब में संगठन को कैसे एकजुट रखता है।



